पटना/पूर्णिया: खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में राज्य स्तरीय संयुक्त PMEGP एवं मार्केटिंग प्रदर्शनी सह ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) अंतर्गत टूलकिट वितरण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ आज गांधी मैदान, पटना में किया गया।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्री जीतन राम मांझी जी, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, भारत सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल जी, उद्योग मंत्री, बिहार सरकार, श्री रवि शंकर प्रसाद जी, माननीय सांसद, पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र, श्री अमन समीर, निदेशक (एमएसएमई), उद्योग विभाग, बिहार सरकार तथा डॉ. बिद्या नंद सिंह, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सहित कई गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं ग्रामोद्योग विकास योजना देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त माध्यम हैं। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं, कारीगरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

वहीं उद्योग मंत्री, बिहार सरकार डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल जी ने कहा कि बिहार सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में उद्यमिता एवं औद्योगिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। PMEGP एवं ग्रामोद्योग विकास योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं और कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से उत्पादों के विपणन को बढ़ावा मिलता है तथा लाभार्थियों का आत्मविश्वास भी सशक्त होता है।

 

इस अवसर पर ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत वर्चुअल माध्यम से टूलकिट का वितरण किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से—

224 लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक पॉटरी व्हील, 60 लाभार्थियों को पाम गुर टूलकिट, 20 लाभार्थियों को ऑटोमैटिक अगरबत्ती मशीन, पेपर/लीफ प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, मोबाइल रिपेयरिंग टूलकिट तथा 90 लाभार्थियों को 900 मधुमक्खी बक्से (बी-बॉक्स) का वितरण शामिल रहा।

 

यह आयोजन राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग को सशक्त करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

 

विश्लेषण

राज्य स्तरीय संयुक्त PMEGP एवं मार्केटिंग प्रदर्शनी सह ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का सशक्त उदाहरण है। इसका मूल उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को मजबूती देना है। टूलकिट वितरण के माध्यम से कारीगरों, युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों को सीधे उत्पादन से जोड़ा गया है, जिससे वे पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ सकें।

PMEGP और GVY जैसी योजनाएँ रोजगार मांगने की मानसिकता से आगे बढ़कर रोजगार सृजन की संस्कृति को प्रोत्साहित करती हैं। खासकर खादी, ग्रामोद्योग, मधुमक्खी पालन, पॉटरी और अगरबत्ती निर्माण जैसे क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल लाभार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि स्थानीय उत्पादों के विपणन को भी नया मंच मिलता है। कुल मिलाकर यह पहल आत्मनिर्भर बिहार और ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार में उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

***