पूर्णिया: SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच पूर्णिया नगर निगम की उपमहापौर श्रीमती पल्लवी गुप्ता ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और SIR को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को भ्रम फैलाने वाला बताया।

पल्लवी गुप्ता का कहना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और उसका सही, पारदर्शी एवं अपडेट होना निष्पक्ष चुनाव के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम और संदेह पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

 

SIR के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए- पल्लवी गुप्ता

प्रेस विज्ञप्ति में चुनाव आयोग की बैठक और संयुक्त प्रेस नोट का हवाला देते हुए कहा गया है कि SIR समेत प्रमुख चुनावी फैसले चुनाव आयोग के स्तर पर सर्वसम्मति से लिए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में SIR से संबंधित निर्णयों को आयोग की सहमति से लिया गया बताया गया है।

पल्लवी गुप्ता ने इसी आधार पर विपक्ष के उस दावे पर सवाल उठाया है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर बिना ठोस आधार के सवाल उठाना लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने वाला है।

 

कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र पर भी सफाई

प्रेस विज्ञप्ति में उस कथित पत्र का भी उल्लेख किया गया है, जिसे लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए थे। पल्लवी गुप्ता के अनुसार, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र आयोग की किसी चुनावी नीति या SIR से संबंधित निर्णय नहीं था।

विज्ञप्ति में इसे एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति से जुड़ा प्रशासनिक मामला बताया गया है। उनका कहना है कि इसे SIR से जोड़कर प्रस्तुत करना तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के समान है।

 

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट पर भी सवाल

पल्लवी गुप्ता ने एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित कथित रिपोर्ट को भी निशाने पर लिया है। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि उक्त रिपोर्ट में पर्याप्त ठोस तथ्यों के बजाय ऐसी बातें सामने रखी गईं, जिन्हें उन्होंने काल्पनिक और तथ्यहीन बताया।

उनका आरोप है कि विपक्ष ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन बाद में यह दावा कमजोर साबित हुआ।

 

फॉर्म-6 को लेकर भी विपक्ष पर निशाना

प्रेस विज्ञप्ति में फॉर्म-6 को लेकर चल रही चर्चा का भी उल्लेख किया गया है। पल्लवी गुप्ता के अनुसार, SIR के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि गैर-SIR अवधि के लिए लागू नियमों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता पंजीकरण की व्यवस्था पहले से मौजूद है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने के बजाय तथ्यों को सामने रखना चाहिए।

 

‘हर पात्र नागरिक को मताधिकार’ पर जोर

पल्लवी गुप्ता ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य हर पात्र नागरिक की चुनावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि आयोग जमीनी स्तर पर विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर मतदाता सूची को दुरुस्त करने और पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।

वहीं, विज्ञप्ति में राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा अतीत में चुनाव आयोग, EVM, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया गया है।

पल्लवी गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक हार या असहमति के बाद संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखे।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र का विषय है। इसलिए SIR जैसी प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।

Video Link: https://youtu.be/-vLJ5Y0ovCA

नोट: उपरोक्त रिपोर्ट में SIR और विपक्ष को लेकर लगाए गए आरोप संबंधित प्रेस विज्ञप्ति में पल्लवी गुप्ता द्वारा व्यक्त किए गए पक्ष पर आधारित हैं। GPNBIHAR का उद्देश्य संबंधित पक्ष के बयान को पाठकों तक पहुंचाना है।

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