पटना: बिहार सरकार ने बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में शिक्षा, परिवहन, धार्मिक पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 29 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाना तथा धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराना, राज्य के 31 बस स्टैंडों का हाईटेक विकास, 1100 श्रद्धालुओं के लिए विशेष सोमनाथ यात्रा का आयोजन तथा बक्सर स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

 

पांच नए केंद्रीय विद्यालयों का रास्ता हुआ साफ

कैबिनेट ने राज्य में पांच नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने के लिए प्रत्येक विद्यालय को पांच-पांच एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से इन क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की जा रही थी। अब भूमि उपलब्ध होने के बाद विद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

नए केंद्रीय विद्यालय निम्न स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे—

  • पूर्णिया पूर्व (मौजा–मधुबनी, जिला पूर्णिया)
  • राजगीर (मौजा–पिलखी, जिला नालंदा)
  • शेखपुरा (मौजा–नीमी, जिला शेखपुरा)
  • मधेपुरा (मौजा–साहुगढ़, जिला मधेपुरा)
  • मधुबनी (अंचल–राजनगर, मौजा–सतिहारपुर)

केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण सुविधाएं तथा राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक वातावरण का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को इससे बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

 

1100 श्रद्धालुओं के लिए विशेष सोमनाथ यात्रा

कैबिनेट ने "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1000 वर्ष की अटूट आस्था" कार्यक्रम के तहत विशेष तीर्थयात्रा आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

सरकार के अनुसार 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय विशेष सोमनाथ यात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें बिहार के लगभग 1100 श्रद्धालु भाग लेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, आवास, भोजन, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ना तथा ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

 

31 बस स्टैंडों का होगा हाईटेक विकास

बिहार सरकार ने राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने राज्य के 31 बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना के अंतर्गत पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार, सहरसा, नवादा, मधुबनी, किशनगंज सहित कई जिलों के प्रमुख बस स्टैंडों का कायाकल्प किया जाएगा।

इन आधुनिक बस स्टैंडों में यात्रियों को निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है—

  • आधुनिक एवं वातानुकूलित प्रतीक्षालय
  • डिजिटल सूचना प्रणाली
  • स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित परिसर
  • पर्याप्त पार्किंग सुविधा
  • व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स एवं दुकानों की व्यवस्था
  • दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं
  • बेहतर यातायात एवं बस संचालन प्रबंधन
  • आधुनिक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था

सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं से यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक होगा। साथ ही पीपीपी मॉडल के माध्यम से निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और सरकार पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।

 

धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर भी विशेष ध्यान

कैबिनेट बैठक में बक्सर स्थित भगवान वामन मंदिर के विकास से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण तथा पर्यटन के दृष्टिकोण से उनका विकास करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि धार्मिक स्थलों का बेहतर विकास किया जाता है तो इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

 

शिक्षा, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा नया आयाम

बुधवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार शिक्षा, धार्मिक पर्यटन और आधारभूत संरचना के विकास को प्राथमिकता दे रही है। एक ओर जहां नए केंद्रीय विद्यालयों से हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर हाईटेक बस स्टैंडों से लाखों यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सोमनाथ यात्रा जैसी योजनाएं धार्मिक पर्यटन को नई गति देंगी, जबकि धार्मिक स्थलों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता पर सभी की नजर रहेगी। यदि योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो इनका लाभ बिहार के छात्रों, यात्रियों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को व्यापक स्तर पर मिलेगा।

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