पूर्णिया: भारतीय विमानपत्तन
प्राधिकरण (एएआई) ने पूर्णिया हवाई अड्डे की असाधारण सफलता की घोषणा करते हुए उत्साह
व्यक्त किया है। प्रचालन शुरू होने के मात्र तीन माह में यहां 50,000 से अधिक हवाई
यात्रियों को सफलतापूर्वक सेवाएं प्रदान की गई हैं। यह बिहार के सीमांचल क्षेत्र के
लिए वायु संपर्कता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 सितंबर 2025 को टर्मिनल
भवन का उद्घाटन किया गया था। उसके बाद से हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड
वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर में जहां केवल 2,718 यात्री थे, वहीं नवंबर तक यह आंकड़ा
30,094 तक पहुंच गया। दिसंबर के पहले 12 दिनों में ही 9,127 यात्रियों ने सेवाओं का
लाभ उठाया। कुल मिलाकर 54,037 यात्री (आगमन 26,695 और प्रस्थान 26,581) संभाले गए,
जबकि विमान आवागमन 592 रहा (296 आगमन और 296 प्रस्थान)।
आरंभ में 300 यात्रियों की क्षमता वाले अंतरिम टर्मिनल से स्टार एयर
और इंडिगो ने अहमदाबाद तथा कोलकाता के लिए उड़ानें शुरू कीं। मांग बढ़ने पर सेवाओं
को दैनिक कर दिया गया। अब नई दिल्ली और हैदराबाद जैसे नए रूट जोड़े गए हैं, जिससे प्रतिदिन
10 उड़ानें संचालित हो रही हैं। 67.18 एकड़ क्षेत्र में फैला यह हवाई अड्डा निरंतर
वृद्धि की राह पर अग्रसर है।
एएआई के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए हवाई अड्डे का
विस्तार तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में पांच विमान पार्किंग (ए-320 और एटीआर
प्रकार) वाला एप्रन बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में 12 पार्किंग तक बढ़ाया जा सकेगा।
इसके अलावा, 30,000 वर्ग मीटर के नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। यह टर्मिनल
व्यस्ततम समय में 3,000 यात्रियों को संभाल सकेगा और इसमें एयरोब्रिज तथा आधुनिक सुविधाएं
होंगी। ये सुविधाएं देश के प्रमुख हवाई अड्डों के मानकों के अनुरूप होंगी।
एएआई ने बताया कि एयरलाइंस और नए गंतव्यों के लिए संपर्कता बढ़ाने पर
सक्रिय विचार चल रहा है। प्राधिकरण कुशल, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल सेवाओं को बनाए
रखने के लिए कटिबद्ध है। स्थानीय निवासियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की है।
एक यात्री ने कहा, "पूर्णिया से दिल्ली की सीधी उड़ान ने यात्रा को आसान बना दिया।
पहले कोलकाता होते हुए जाना पड़ता था।"
यह सफलता सीमांचल क्षेत्र के विकास का प्रतीक है। उद्घाटन के बाद यात्रियों
में 10 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। सितंबर के 2,718 से नवंबर के 30,094 यात्रियों
तक का सफर चमत्कारिक है। दिसंबर में भी रफ्तार बनी हुई है। विमानन विशेषज्ञों का मानना
है कि यह वृद्धि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी। पर्यटन, व्यापार और चिकित्सा के
लिए वायु संपर्क मजबूत होगा।
हवाई अड्डे के विस्तार से न केवल क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के अवसर
भी सृजित होंगे। नए टर्मिनल में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, वाई-फाई, रेस्टोरें तथा शॉपिंग
जोन होंगे। एप्रन विस्तार से अधिक उड़ानों का संचालन संभव होगा। एएआई अधिकारियों ने
भरोसा जताया कि पूर्णिया जल्द ही क्षेत्रीय हवाई अड्डों में अग्रणी बन जाएगा।
पूर्णिया हवाई अड्डा बिहार सरकार की 'हर घर नल का जल' और 'उड़ान' जैसी
योजनाओं का हिस्सा है। पीएम मोदी के उद्घाटन ने इसे गति दी। अब उत्तर-पूर्वी बिहार
के लोग आसानी से देश-विदेश से जुड़ सकेंगे। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि इससे
माल ढुलाई भी बढ़ेगी। एएआई ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऑनलाइन बुकिंग और समय
का पालन करें।
यह उपलब्धि एएआई की दक्षता का प्रमाण है। प्रचालन शुरू होते ही यात्रियों
ने भरोसा जताया। भविष्य में और अधिक रूट जोड़ने की योजना है। पूर्णिया अब हवाई नक्शे
पर चमक रहा है।
विश्लेषण
पूर्णिया हवाई अड्डे की यह उपलब्धि बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए
मील का पत्थर है। मात्र तीन माह में 54,037 यात्रियों का आंकड़ा पारंपरिक हवाई अड्डों
की तुलना में अभूतपूर्व है। सितंबर से नवंबर तक 10 गुना वृद्धि विकास की भूख दर्शाती
है। पीएम मोदी के उद्घाटन ने विश्वास जगाया, जिससे इंडिगो और स्टार एयर जैसी कंपनियां
सक्रिय हुईं।
विस्तार योजनाएं दूरदर्शी हैं। 30,000 वर्ग मीटर टर्मिनल और 12 पार्किंग
क्षमता से यह प्रमुख हब बनेगा। इससे पर्यटन, व्यापार और प्रवास बढ़ेगा। हालांकि, चुनौतियां
बाकी हैं जैसे मौसमी उड़ानें और रखरखाव। एएआई की सक्रियता सकारात्मक है, लेकिन स्थानीय
रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोर जरूरी। कुल मिलाकर, यह पूर्वी भारत की विमानन क्रांति
का प्रारंभ है।



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