पूर्णिया की जनता के लिए इस छठ महापर्व पर एक शानदार तोहफा मिला है। 26 अक्टूबर से पूर्णिया से दिल्ली के बीच सीधी हवाई सेवा की शुरुआत होने जा रही है। इंडिगो एयरलाइंस की यह नई उड़ान अब रोजाना पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। टिकटों की बुकिंग शुक्रवार से ही शुरू हो चुकी है, और शुरुआती चरण में किराया भी काफी वाजिब रखा गया है।

 

पूर्णिया एयरपोर्ट के डायरेक्टर डी.पी. गुप्ता ने बताया कि 26 अक्टूबर से दिल्ली रूट पर हवाई सेवा की शुरुआत निश्चित है। खास बात यह है कि यही दिन छठ महापर्व के खरना व्रत का भी दिन है। यानी इस शुभ अवसर पर पूर्णिया को राजधानी दिल्ली से सीधा हवाई जुड़ाव मिल रहा है, जो उत्तर बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।

 

उड़ान का समय और रूट विवरण

इंडिगो एयरलाइंस की इस नई उड़ान का संचालन समय भी तय कर दिया गया है।

  • दिल्ली से पूर्णिया: सुबह 10:45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 12:50 बजे पूर्णिया एयरपोर्ट पहुंचेगी।
  • पूर्णिया से दिल्ली: दोपहर 1:50 बजे रवाना होकर शाम 3:55 बजे दिल्ली लैंड करेगी।

यह उड़ान दैनिक होगी, जिससे दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले बिहारियों को अपने घर आने-जाने में अब किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

 

पूर्णिया से दिल्ली तक बज उठी मोबाइल की घंटी

जैसे ही दिल्ली-पूर्णिया हवाई सेवा शुरू होने की खबर आई, पूरे जिले और प्रवासी बिहारियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैलने लगी। लोगों के मोबाइल लगातार बजने लगे — कोई अपने रिश्तेदारों को जानकारी दे रहा था, तो कोई टिकट बुक करने में जुट गया।

 

दरअसल, छठ पर्व पर हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी बिहारी दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य राज्यों से अपने घर लौटते हैं। इस बार बहुत से लोग पूर्णिया-Delhi हवाई सेवा की उम्मीद में टिकट बुकिंग टाल रहे थे, और जैसे ही यह घोषणा हुई, बुकिंग वेबसाइटों पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला।

 

उद्घाटन के एक महीने में ही हवाई सफर का बढ़ा ग्राफ

पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन 15 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। मात्र एक महीने के भीतर एयरपोर्ट को यात्रियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।

  • 17 सितंबर से कोलकाता के लिए और
  • 18 सितंबर से अहमदाबाद के लिए
    नियमित हवाई सेवा शुरू की गई थी।

इन दोनों रूटों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इंडिगो ने दिल्ली के लिए नई उड़ान शुरू करने का निर्णय लिया है। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती पखवाड़े में ही हजारों यात्री पूर्णिया से यात्रा कर चुके हैं।

 

बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम

पूर्णिया न सिर्फ सीमांचल क्षेत्र बल्कि उत्तर बिहार के लोगों के लिए भी एक प्रमुख हब बनता जा रहा है। कोलकाता और अहमदाबाद के बाद अब दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार, शिक्षा, और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही, एयरलाइंस ने यह भी संकेत दिया है कि इस माह के अंत तक हैदराबाद के लिए भी सीधी उड़ान सेवा शुरू की जा सकती है। इससे पूर्णिया जल्द ही देश के कई प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा।

 

पूर्णिया एयरपोर्ट की उपलब्धियां और विस्तार योजनाएं

पूर्णिया एयरपोर्ट की शुरुआत सीमांचल और कोसी इलाके के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पहले लोगों को हवाई यात्रा के लिए बागडोगरा या पटना जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है।

एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार,

“पूर्णिया एयरपोर्ट से मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स ने यह साबित कर दिया है कि यहाँ से हवाई सेवाओं की अपार संभावनाएँ हैं। आने वाले समय में इसे और अधिक शहरों से जोड़ा जाएगा।”

 

छठ पर्व पर घर लौटने वालों के लिए राहत

छठ पर्व के दौरान उत्तर बिहार में यात्रियों की भीड़ हर साल लाखों में होती है। ट्रेन और बसों में टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पूर्णिया-दिल्ली उड़ान की शुरुआत ने घर लौटने वालों के लिए बड़ी राहत दी है।

 

यह सेवा न केवल समय की बचत करेगी बल्कि त्योहारों के दौरान लोगों को भीड़-भाड़ से भी मुक्ति दिलाएगी। दो घंटे से भी कम समय में दिल्ली से पूर्णिया पहुँचना अब हकीकत बन गया है।

 

आर्थिक विकास और क्षेत्रीय उन्नति की दिशा में मील का पत्थर

पूर्णिया एयरपोर्ट की सक्रियता से न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, शिक्षा और निवेश के नए अवसर भी बनेंगे। दिल्ली जैसे बड़े महानगर से सीधी उड़ान से निवेशकों और उद्योगपतियों को भी सीमांचल क्षेत्र में आने-जाने में आसानी होगी।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पूर्णिया और आसपास के जिलों जैसे कटिहार, अररिया, किशनगंज और सहरसा के लिए विकास की नई दिशा खोलेगा।

 

निष्कर्ष

पूर्णिया एयरपोर्ट की दिल्ली के लिए हवाई सेवा का शुभारंभ न केवल छठ महापर्व का तोहफा है, बल्कि यह सीमांचल की बढ़ती संभावनाओं का प्रतीक भी है। दिल्ली तक की दूरी अब मात्र दो घंटे की रह गई है, जिससे न केवल लोगों के रिश्ते और नजदीक होंगे, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की रफ्तार भी तेज होगी।