फरीदाबाद में मिले 2900 किलो विस्फोटक की जांच अभी चल ही रही थी कि रविवार शाम देश की राजधानी दिल्ली एक भीषण धमाके से दहल उठी। लाल किला के पास हुई इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया है। रविवार शाम करीब छह बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पार्किंग में खड़ी एक कार में जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और तीन अन्य कारें भी आग की चपेट में गईं। शाम का समय होने के कारण वहां भारी भीड़ थी, जिससे कई लोग धमाके की चपेट में गए। मौके पर अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

दमकल विभाग को सूचना मिलते ही कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने पूरा इलाका घेर लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार इस धमाके में आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

ब्लास्ट के बाद जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उन्हें देखकर यह किसी साधारण हादसे जैसा नहीं लगता। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है और विस्फोटक के प्रकार तथा धमाके के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने लाल किला और चांदनी चौक इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने घटना पर जानकारी देते हुए कहा किरेड लाइट पर एक गाड़ी आई और अचानक उसमें ब्लास्ट हो गया। धमाके की वजह से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, कई लोग घायल हैं और कुछ की मौत हुई है। जांच जारी है, और कुछ ही देर में हताहतों की सटीक संख्या बताई जाएगी।

धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। आसपास के सभी CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि धमाके से पहले कार वहां कैसे पहुंची और उसमें कोई संदिग्ध गतिविधि हुई या नहीं। शुरुआती जांच में धमाके के पीछे टेरर एंगल होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा है।

एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) की टीमें मौके पर पहुंच रही हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने आईबी चीफ और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर मामले की विस्तृत जानकारी ली है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के निर्देश दिए हैं।

धमाके को पास से देखने वाले प्रत्यक्षदर्शी यासिन हुसैन ने बताया, “मैं कश्मीरी गेट से रहा था, तभी अचानक तेज धमाका हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि मैं कुछ देर तक सुन्न रह गया। आसपास अफरातफरी मच गई और लोगों को समझ नहीं आया कि क्या हो गया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस धमाके को बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मएक्सपर लिखा – “लाल किले के पास हुआ धमाका बेहद दुखद है। इसमें कुछ लोगों की जान गई है, यह बेहद पीड़ादायक है। पुलिस और केंद्र सरकार को तुरंत जांच करनी चाहिए कि आखिर ये धमाका कैसे हुआ और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। दिल्ली की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धमाके की वजह का फिलहाल पता नहीं चला है। हालांकि, धमाके के स्वरूप और शक्ति को देखते हुए यह किसी विस्फोटक पदार्थ का उपयोग लग रहा है।

दिल्ली में हुई इस बड़ी घटना के बाद राजस्थान सहित कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। राजस्थान के डीजीपी राजीव शर्मा ने सभी रेंज आईजी, जिला एसपी और संवेदनशील थानों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

डीजीपी कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों की गहन चेकिंग की जा रही है। रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई गई है और संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, खासकर उन इलाकों में जहां पर्यटकों की भीड़ अधिक रहती है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही हरियाणा के फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। उस मामले की जांच अभी चल ही रही थी कि दिल्ली में यह धमाका हो गया। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है।

जांच अधिकारी इस बात की भी पुष्टि कर रहे हैं कि धमाके के समय कार में कोई व्यक्ति मौजूद था या उसे रिमोट डिवाइस से उड़ाया गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि धमाके में कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल किया गया।

देश की राजधानी में लाल किला जैसे ऐतिहासिक और सुरक्षित क्षेत्र के पास इस तरह का धमाका होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती है। यह घटना सिर्फ दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आतंकी तत्व किसी भी समय बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं।

फिलहाल एनआईए और एनएसजी की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और नमूने इकट्ठे कर रही हैं। गृह मंत्रालय की ओर से पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि CCTV फुटेज, मौके से मिले सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर बहुत जल्द इस धमाके के पीछे की सच्चाई सामने जाएगी।