पूर्णिया, 13 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के अंतिम चरण के मतदान के बाद अब मतगणना की तैयारी तेज़ी से चल रही है। पूर्णिया जिला प्रशासन ने मतगणना के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कड़े सुरक्षा और विधि-व्यवस्था संबंधी आदेश जारी किए हैं।

 

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के प्रेस नोट संख्या ECI/PN/316/2025 दिनांक 6 अक्टूबर 2025 और बिहार निर्वाचन विभाग, पटना की अधिसूचना संख्या एम-2-01/2025-4397 दिनांक 13 अक्टूबर 2025 के आलोक में पूर्णिया जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों — 56-अमौर, 57-बायसी, 58-कसबा, 59-बनमनखी (अ.जा.), 60-रूपौली, 61-धमदाहा और 62-पूर्णिया — की मतगणना 14 नवंबर 2025 (शुक्रवार) को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी।

 

जिला प्रशासन ने मतगणना के दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोक शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत 14 और 15 नवंबर 2025 को पूरे पूर्णिया जिले में कुछ विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।

 

जिला दंडाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) ने बताया कि यह कदम मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति, विवाद या साम्प्रदायिक तनाव को रोकने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयोग की अधिसूचना के साथ ही आदर्श आचार संहिता जिले में प्रभावी है और मतगणना के दिन तक सख्ती से लागू रहेगी।

 

आदेश के प्रमुख बिंदु:

सभा, जुलूस और लाउडस्पीकर पर रोक:
14 से 15 नवंबर तक जिले में किसी भी प्रकार की सभा, विजय जुलूस, धरना-प्रदर्शन या ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, यह प्रतिबंध विवाह समारोह (बारात), शव यात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल में मरीज के साथ जाने वाले लोगों, विद्यार्थियों तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी या सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा।

 

हथियारों का प्रदर्शन निषिद्ध:
इस अवधि में कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी-भाला, गंडासा या किसी अन्य घातक हथियार का प्रदर्शन नहीं करेगा। यह आदेश केवल सिख समुदाय के पारंपरिक शस्त्र धारण करने वाले व्यक्तियों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा।

 

उकसाने वाले भाषण या प्रदर्शन पर रोक:
किसी भी व्यक्ति को ऐसा भाषण देने, नारा लगाने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे सामाजिक या साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुँचे या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी प्रयास पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

मतगणना स्थल के 200 मीटर के भीतर प्रतिबंध:
मतगणना परिसर के 200 मीटर के दायरे में बिना अनुमति प्रवेश वर्जित रहेगा। केवल अधिकृत अधिकारी, प्रत्याशी, उनके अधिकृत प्रतिनिधि, मतगणना कर्मी और मीडिया के चयनित प्रतिनिधियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।

 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
मतगणना के दिन पूर्णिया जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। सभी मतगणना केंद्रों पर सशस्त्र बलों की तैनाती की जाएगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से सुरक्षा की समीक्षा की है। शहर के प्रमुख मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मतगणना स्थल के आस-पास के इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

 

जिलाधिकारी का निर्देश:
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करना है। उन्होंने राजनीतिक दलों और समर्थकों से अपील की है कि वे मतगणना के दिन संयम बरतें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर भ्रामक या उकसाने वाली पोस्ट डालने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और मतगणना के बाद किसी भी स्थिति में विजय जुलूस निकालने या आतिशबाज़ी करने से परहेज़ करें।

 

अंत में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

 

पूर्णिया प्रशासन ने जिले के नागरिकों को शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की है ताकि लोकतंत्र के इस पर्व का समापन सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित तरीके से हो सके।

वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें: https://youtu.be/xuSaEWRlLLs